पंजाब में चुनाब आकाली दल से गठबंधन करके ही होगी भाजपा की नैया पार ।

                  नई दिल्ली-पंजाब में चुनाब आने वाले है ये चुनाव में अब कुछ ही माह बाकि है वही इस बार फिर एक सवाल जनता के दिमाग में उठ रहा है कि क्या पंजाब में आकाली दल व भाजपा अलग-2 लडेगे या फिर आपस में गठबंधन करके चुनाव लडेगे क्योकि देखने में आया है कि जबसे पंजाब में भाजपा आकाली दल का गठबंधन टूटा है दोनो ही दलो को हार का मुहं देखना पडा है जब तक ये दोनो राजनीतिक दल एक होकर लडते थे तो ये जीतते थे मगर जबसे ये अलग हुए लगातार हार रहे है ।

                     वही दूसरी तरफ ये देखने में आया है कि जब तक ये मिलकर लडते थे उस समय ये बहुमत से जीतते थे मगर कुछ वर्ष पहले जब किसान आंदोलन हुआ उसके बाद दोनो के बीच दूरीयां आ गई जिसके बाद ये दोनो दल अलग -2 चुनाव लडने लगे जिसके बाद इन दोनो दलो का ग्राफ पंजाब में धटता गया जिसका फायदा काग्रेस व आप पार्टी को हुआ ये दोनो सता में काबिज होने में कामयाब रहे आकाली दल व भाजपा दोनो अर्ष फर्श पर आ गई क्योकि दोनो का जो वोट बैक जो था वे वट गया जिस कारण दोनो को हार का मुहं देखना पडा क्येकि की दोनो का वोट बैक एक ही है पार्टी वटने से वोट भी वट गया जिस कारण इन दोनो को हार का मुहं देखना पडा इससे पिछले चुनाव में दोनो पार्टीओ का गठबंधन होते-2 रह गया जिस कारण दोनो बुरी तरह हारे यहां तक कि दोनो तीसरे व चोथे नम्बर की पार्टी बनकर रह गए व पांच वर्ष आकाली व भाजपा पंजाब की सत्ता से दूर हो गए ।

                    इस बार अब फिर से पंजाब के चुनाव सर पर है मगर इस बार दोनो पार्टोयो का आपस में गठबंधन करेगी या नही इस पर अभी से कायास लगने लगे है इस बार भी दोनो का गठबंधन होगा या फिर दोनो अलग-2 लडेगे वही ये देखने में आया है कि आकाली बादल के अध्यक्ष सुखबीर बादल नें पिछले दिनो ब्यान दिया कि वे भाजपा से पंजाब में इस बार मिलकर चुनाव लड सकते है वही यहां ये बात जानना भी जरूरी होगा कि आकाली दल बादल भाजपा का सबसे पुराना साथी रहा है जबसे भाजपा ने एनडीए का देश में गठबंधन बनाया है तभी से ये एक होकर पंजाब में लडते थे व जीतते थे इस बार ये दोनो पार्टीयो का गठबंधन होगा या नही ये समय पर पता चलेगा मगर इससे ये जरूर होगा की भाजपा मिलकर लडे व सता में आए या एक बार फिर वे पांच वर्ष के लिए सत्ता से बाहर रहने के बारे मेॆं सोचे ।