उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू गुजरात के साबरमती आश्रम पहुचे वहां पहुचकर उन्होने गांधी जी का चरखा चलाया।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू साबरमती आश्रम पहुचे आत्मचिंतन और जनसेवा के प्रति दृढ़ संकल्प किया।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू साबरमती आश्रम पहुचे वहां पर आए बच्चे के साथ फटो खिचवाया व कहा गुजरात में जन्मे और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के केंद्र में रहे बापू के सत्य और स्वावलंबन के आदर्श दिल्ली में हमारे कार्य के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। जैसे-जैसे हम विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं , उनका चिरस्थायी संदेश स्पष्ट है: विकास नैतिकता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता पर आधारित होना चाहिए।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू अहमदाबाद में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले में छात्रों और शिक्षकों के साथ संवादात्मक सत्र में,भाग लिया।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू अहमदाबाद में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले में छात्रों और शिक्षकों के साथ संवादात्मक सत्र में,भाग लेते हुए कहा किताबें हमें रुकने, सोचने और सवाल करने के लिए प्रेरित करती हैं आज के इस अंतहीन स्क्रॉलिंग के युग में युवा दिमागों को किताबों और विविध विचारों से जुड़ते देखना प्रेरणादायक है। पढ़ने की आदत विकसित करना होनी चाहिए।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने साबरमती रिवरफ्रंट पर अहमदाबाद अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव 2026 के उद्घाटन किया अवसर पर,गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, अन्य मंत्रियों, एएमसी के मेयर हितेश बरोट और एनबीटी के निदेशक युवराज मलिक उपस्थित थे।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने साबरमती रिवरफ्रंट पर अहमदाबाद अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव 2026 के उद्घाटन किया इस अवसर पर सरदार तेजा सिंह समुंद्री - जीवन और विरासत नामक पुस्तक का गुजराती संस्करण जारी किया।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने साबरमती रिवरफ्रंट पर अहमदाबाद अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव 2026 के उद्घाटन किया इस अवसर पर सरदार तेजा सिंह समुंद्री जीवन और विरासत नामक पुस्तक का गुजराती संस्करण जारी करते हुए कहा यह पुस्तक एक स्वतंत्रता सेनानी और गुरुद्वारा सुधार आंदोलन के शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, जिन्होंने 1926 में लाहौर जेल में अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनकी विरासत में राजनीतिक और सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, युवा उन्नति, दलित उत्थान और सार्वजनिक शिक्षा के लिए संघर्ष समाहित है। शक्ति की सप्तधारा के अंतर्गत, साहित्य भारत की सॉफ्ट पावर का एक महत्वपूर्ण साधन है। डिजिटल युग में, गहन पठन से जागरूक मन, मजबूत मूल्य और जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। जब नागरिक पढ़ते हैं, तब देश का नेतृत्व होता है। एक पठनशील भारत, विकसित भारत के लिए आवश्यक है।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अहमदाबाद में गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल से मुलाकात की ।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू अहमदाबाद में गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल से मुलाकात के दौरान कहा दिल्ली और गुजरात संस्कृति, व्यापार और समुदाय के गहरे बंधन को साझा करते हैं, और एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखने सहित इसे और मजबूत करने के लिए विचारों का आदान-प्रदान करना अत्यंत सुखद रहा।










