नई दिल्ली-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा मैं इस कार्यक्रम के माध्यम से एक तरह से देश की लोक शक्ति की साज़िश करता हूँ | मुझे इसके माध्यम से देश के हर परिवार से जुड़ने का अवसर मिलता है | संकडो के ऐसे संदेश शामिल हैं जिनमें शामिल लोग कहते हैं कि 'मन की बात' सुनकर उन्हें ऐसा लगता है, जैसे मैं उनके बीच उनके परिवार में एक परिवार के सदस्य की तरह सबसे ज्यादा संवाद कर रहा हूं। मेरे लिए आप सभी उपहारों की ये आत्मीयता, आपका ये स्नेह बहुत अमूल्य है |हमारे देश में ऐसे कई पारंपरिक खतरे हैं, जो अवशेषों से हमारी पहचान का हिस्सा रह रहे हैं, और सुखद ये है कि अब इन ईसाइयों से जुड़कर कई विध नए प्रयोग भी हो रहे हैं, क्योंकि आज के समय के सबसे आगे बढ़ते जा रहे हैं
नरेंद्र मोदी ने कहा पंजाब में ऐसा ही एक प्रयास काफी समय से चल रहा है, यहां 'खेती विरासत मिशन' नाम की एक संस्था ने जैविक खेती और पारंपरिक कृषि को नया जीवन देना शुरू किया है इस टीम के लोग पंजाब के मालवा क्षेत्र में कपास की प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहते थे |इस पहले का नाम दिया गया था 'नव त्रिन्ज न' इस पहल के तहत यहां बिना केमिकल का इस्तेमाल किया जाने वाला ऑर्गेनिक कपास का उपयोग किया जाता है यहां नैचरल वाली क्यूबन भी बनाई जाती है इससे तैयार किए गए चश्मे और कपड़ों को रंगने के लिए अलग से केमिकल का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है | आप सोच सकते हैं, इससे पर्यावरण की कितनी बड़ी मदद हो रही है | कुछ साल पहले 'नव-ट्रिंजन' ने एक बुनाई स्कूल भी शुरू किया था | इसका लक्ष्य है बुनकरी के हंगेरियन को नई पीढ़ी तक पहुंचाना | इस स्कूल ने भी बदल दी कई साड़ी महिलाओं की जिंदगी | रमनदीप कौर जी इसका एक उदाहरण हैं | पहले वो मजदूर के रूप में काम करती थी, लेकिन स्कूल में ट्रेनिंग के बाद आज उनकी पहचान एक कुशल मजदूर के रूप में होती है | रेखा रानी जी ने तो प्रशिक्षण लेने से पहले कभी हथकरघा देखा तक नहीं था | उनके द्वारा निर्मित शॉल इंडिया का स्मारक राष्ट्रपति जी का स्मारक है | इसी तरह सुनेहा देवी जी पहले घर में काम करती थीं, लेकिन आज वे हथकरघा पर अद्भुत कपड़े तैयार कर रखे हैं रजनी कौर जी पहले परामर्श में विपक्ष पर अड़े रहे, अब नए खतरे से उनके घर में काफी मदद मिली है | स्कूल से ट्रेनिंग के बाद ऐसी कई महिलाएं अब स्वदेशी ऑर्गेनिक कॉटन से बने धागों का इस्तेमाल कर शॉल, कपड़े और दूसरे कपड़े तैयार कर रही हैं | इन प्रयासों से उनके जीवन में खुशहाली आ रही है |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कुछ महीने पहले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुझे भी इस टीम से मिलने का मौका मिला था | उस दौरान मैंने काम के प्रति उनके जुनून और उपहार का अनुभव किया था | मैं उस पूरी टीम को भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं हमारे यहां प्रकृति के प्रति सम्मान की बहुत पुरानी परंपरा रही है | हमारे संवाद ने हमें सिखाया है कि अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखें, जल-स्रोतों की देखभाल करना ये हमारी ज़िम्मेदारी अपनी है | मुझे ख़ुशी होती है, जब मैंने देखा कि देश के कैसे ही लोग इसी भावना को अपना जीवन बनाये हुए हैं | यही भाव उत्तराखंड के अनार्य गढ़वाल में भी देखें | यहां लोगों ने मिलकर एक नदी को नया जीवन देने का प्रयास किया है| ये नदी है 'हेवल' (Havel) | कुछ समय पहले हेवल (Havel) नदी में पानी कम होने लगा था | आस-पास के प्राकृतिक जल-स्रोत भी सुख रहे थे | ऐसे में स्थानीय प्रशासन और गांव के लोगों ने मिलकर हेवल (हैवेल) नदी को बचाने का अभियान चलाया | इस दौरान बारिश का पानी रोकने के उपाय किए गए, जमीन में पानी की रोकथाम के लिए काम किया गया और बड़ी संख्या में उपाय बताए गए आज इस प्रयास से हेवल (हैवेल) नदी को नया जीवनदान मिला है और साथ ही प्राकृतिक जल-स्रोतों के पुनर्जीवन में भी मदद मिली है |
नरेंद्र मोदी ने कहा जब समाज ऐसी भावना से एकजुट होता है तो बदलाव की गारंटी पक्की हो जाती है | इसकी एक झलक हम अपने त्योहारों में भी देखते हैं | कुछ ही दिन बाद दिवाली और छठ का पर्व आने वाला है | इसके लिए जगह-जगह साफ-सफाई का अभियान चलाया जा रहा है | ये जरूरी है कि हम जहां रहें, वहां की स्वतंत्रता का ध्यान रखें | हमारा छोटा-छोटा प्रयास ही हमारे आस-पास बड़ा बदलाव ला सकता है त्योहारों के इस मौसम में आप सभी ने अपने आसा-पासा में एक बदलाव जरूर महसूस किया होगा | अब लोग खरीदारी करते समय स्वदेशी वास्तुशिल्प को बहुत महत्वपूर्ण बताते हैं | 'वोकल फॉर लोकल' की यही भावना अब हमारे युवाओं को दुनिया तक पहुंचा रही है बिहार के पूर्णिया का खाना अब ग्रीस पहुंच रहा है | कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल अब बिक रही है, यानी भारत के किसानों के लिए दुनिया में नए बाजार खुल रहे हैं | साथियो, स्थानीय कलाकारों की चर्चा करते हुए, मैं, एक और विषय की तरफ आपका ध्यान ले जाना चाहता हूँ | किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता के साथ-साथ उसकी पैकेजिंग का भी बहुत महत्व है |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कई बार हम बाज़ार में कोई चीज़ देखते हैं, तो उसकी अच्छी पैकेजिंग देखकर ही उसके हाथ में नारे लगा देते हैं | हम पैकेजिंग देखकर ही उस उत्पाद के बारे में जानना चाहते हैं | इसी बात को अब पैकेजिंग पर भी जोर दिया जा रहा है | साथियो, महाराष्ट्र में आदिवासी समुदाय ने अपने बनाए गए वास्तुशिल्प की पैकेजिंग पर बहुत ध्यान केंद्रित किया है यहां 'शबरी किट्स' के माध्यम से शहद, जापान, चिरौंजी और बांस से बने उत्पाद बाजार में बेचे जा रहे हैं | युसी पैकेजिंग पर जनेऊ कला की छाप है | आपको जानकर ख़ुशी होगी कि इस पैकेजिंग को जापान का प्रतिष्ठित 'गुड डिज़ाइन अवार्ड' मिला है | हमारे युवा भी इस क्षेत्र में नये प्रयोग कर रहे हैं | कर्नाटका का 'बैंबू' स्टार्ट-अप. बांस और खेती से लेकर रेगिस्तान तक की पैकेजिंग सामग्री बनाई जा रही है| जब स्थानीय मूर्तियों की बात होती है तो खादी की चर्चा स्वभाविक होती है | इस गांधी जयंती पर सिर्फ एक दिन में खादी ग्रामोद्योग की दुकान की बिक्री 28 करोड़ रुपये से ज्यादा की रही | पिछले साल से भी करोड़ों रुपये और उससे भी ज्यादा की कमाई हुई है, यानी खादी की प्राथमिकता लगातार बढ़ती जा रही है और इसका फायदा लोगों तक पहुंच रहा है, भूख और मेहनत से खादी हस्तशिल्प जैसी कई चीजें तैयार होती हैं | त्योहारों पर हम अपने परिवार और पड़ोसियों के लिए बहुत कुछ सुझाव देते हैं | इस बार भी खरीदारी करें समय-समय पर स्थानीय कारीगरों के निर्माणकर्ताओं को प्रयोगशालाएं प्रदान करें | आपकी खरीदारी से उनका उत्साह बढ़ता है |
नरेंद्र मोदी ने कहा आपका ये अपनापन 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को और आगे ले जाएगा, और, धीरे-धीरे 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को आगे बढ़ाएगा, इतनी ही तेजी से आत्मनिर्भर भारत का सपना भी पूरा होगा और इसलिए मेरा व्यक्तिगत रूप से आपसे अनुरोध है कि आप स्थानीय कारीगरों की बनाई हुई मूर्तियों को प्रमुखता दें, प्रमुखता दें |हमारे देश के लोगों की एक बड़ी सुविधा है | हम नई टेक्नोलॉजी को बहुत जल्दी अपना लेते हैं | हम सहज रूप से टेक्नोलॉजी को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा भी बना लेते हैं | 'ई-संजीवनी योजना' एक बहुत अच्छा उदाहरण है | इससे पता चलता है कि लोगों के जीवन में आसान बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का कितना बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है मुझे ये देखकर बहुत संतोष होता है कि इसके जरिए अब तक करीब 50 करोड़ टेली-कंसल्टेशन जा चुके हैं | ये अक्षर बहुत बड़ा है | टेक्नोलॉजी की ताकत, हमारे वैज्ञानिकों के सेवाभाव, और देशवासियों के विश्वास का ये बेहतरीन उदाहरण है | आज ई-संजीवनी सेवा अपने विशाल नेटवर्क के माध्यम से देश के युवाओं के साथ-साथ जापान में भी पहुंच गई है इसका लाभ उठाने वाले लोगों की कहानियां आपको मंत्रमुग्ध कर देंगी | अंडमान-निकोबार के बारातांग द्वीप में जारवा जनजाति के सात साल के ओहो-ताहाने को तेज बुखार था | सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी | ऐसे में स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने ई-संजीवनी के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क किया | उस बच्चे को निमोनिया था और जैसे ही वो विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी में आया, उसकी स्थिति में तेजी से सुधार आया |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा एक समय था डॉक्टर को छोटी-सी स्वास्थ्य जांच में भी लोगों को काफी समय लग गया था, बहुत कठिनाइयाँ आती हैं | आज मूल में करीब 1 लाख 90 हजार हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर लोगों के जीवन में नई-नई सुईयां लेकर आए हैं ये आरोग्य मंदिर एक प्रकार से, आरोग्य केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं | सबसे सुखद बात यह है कि अब गांवों के लोग भी नियमित जांच करवा रहे हैं, ताकि वे स्वस्थ रहें | और ई-संजीवनी में बहुत बड़ी भूमिका निभा रही है | इस महीने की शुरुआत में मैं चेन्नई गया था | मेरी मुलाकात में देश के कई वैज्ञानिक, शोधकर्ता और युवा प्रतिभाएं शामिल हुईं | हमारे युवा आज ऐसे विषयों पर भी काम कर रहे हैं जो पूरी मानवता का भविष्य बदल सकते हैं और ऐसा ही एक क्षेत्र है ब्रेन रिसर्च। इसी से जुड़ा, 'सुधा गोपाल कृष्णन ब्रेन सेंटर' का मैंने आईआईटी मद्रास में अनावरण किया था इस सेंटर ने एक ब्रेन इमेजिंग टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बनाया है जो दुनिया भर के लिए मिसाल है | इसके माध्यम से मानव मस्तिष्क की उच्च-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल 3डी तस्वीरें तैयार की जा रही है उनका लक्ष्य है आने वाले दिनों में 100 मानव मस्तिष्क की 3डी मैपिंग करके उनके दांतों से अध्ययन करना | पूरी दुनिया में ऐसा है पहला मिशन | इस काम में परम शक्ति सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जा रहा है |