दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की इस दौरान उन्होने उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को अमुतसर गुरूद्वारे का माडल भेट किया।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की इस दौरान उन्होने उपराज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को माडल भेट किया।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की इस दौरान उन्होने उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को एक पुस्तक भी भेट की।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की दोनो एक दूसरे से बात कते हुए।दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अमृतसर के गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में "सेवा संग्राम दे राह दसरे" नाटक का मंचन देखा जो सरदार तेजा सिंह समुंद्री तरनजीत सिंह संधू के दादा जी के प्रेरणादायक जीवन और विरासत आधारित था।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अमृतसर के गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में "सेवा संग्राम दे राह दसरे" नाटक के कलाकारो के साथ।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अमृतसर के गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में "सेवा संग्राम दे राह दसरे" नाटक का मंचन देखते हुए कहा यह नाटक मेरे दादाजी सरदार तेजा सिंह समुंद्री जी के प्रेरणादायक जीवन और विरासत को दर्शाता है। उनके शहादत दिवस की सौवीं वर्षगांठ के अवसर पर, हम राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक अधिकारों के संघर्ष में उनके दूरदर्शी नेतृत्व को याद करते हैं, जिसने एसजीपीसी की स्थापना की ओर अग्रसर ऐतिहासिक आंदोलन में योगदान दिया। शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और दलितों के उत्थान के प्रति उनका आजीवन समर्पण समानता और मानवीय गरिमा में उनके गहरे विश्वास को दर्शाता है। मास्टर तारा सिंह जी द्वारा "संपूर्ण गुरसिख" के रूप में वर्णित, सरदार तेजा सिंह समुंद्री जी का विनम्रता, साहस, त्याग और निस्वार्थ सेवा का जीवन पीढ़ियों के लिए एक शाश्वत प्रेरणास्रोत बना हुआ है। उनकी सेवा, सिमरन और संघर्ष की विरासत हम सभी को प्रेरित करती रहेगी।