नई दिल्ली-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा हमारे जीवन में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जिन्हें याद रखने के लिए कैलेंडर देखने की जरूरत नहीं पड़ती | आज, 26 जुलाई ऐसी ही एक तारीख है | आज ‘कारगिल विजय दिवस’ है | ये दिन हमें गर्व से भर देता है | ये दिन हमें अपने वीर जवानों के अद्भुत साहस की याद दिलाता है | कार गिल की ऊंची-ऊंची चोटियाँ, कठिन मौसम, दुश्मन की चुनौती, हर परिस्थिति हमारे सैनिकों के सामने थी, लेकिन उनका हौंसला हर चुनौती से बड़ा था | उन्होंने माँ भारती की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया | आज ‘कारगिल विजय दिवस’ पर मैं सभी वीर शहीदों और वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ | आज का भारत अपने वीरों को सिर्फ याद ही नहीं करता, बल्कि नई पीढ़ी तक उनकी गाथा भी पहुंचाता है | इसी भावना से इस वर्ष एक विशेष ‘शौर्य विजय यात्रा’ निकाली गई है | 14 जुलाई को दिल्ली के ‘National War Memorial’ से शुरू हुई यह मोटरसाइकिल यात्रा, द्रास के कारगिल वॉर मेमोरियल तक पहुंचेगी | इसका संदेश है - “One Ride, One Nation, One Salute.” यह यात्रा हमें याद दिलाती है कि राष्ट्र के लिए दिया गया बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
नरेन्द्र मोदी ने कहा आज भारत अपने सैनिकों के साहस के साथ-साथ अपनी तकनीकी क्षमता को भी लगातार मजबूत कर रहा है | कुछ दिन पहले भारतीय नौ-सेना में INS महेंद्रगिरि शामिल किया गया | यह आधु निक जंगी जहाज भारत में ही design किया गया है, भारत में ही बना है | इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है | यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक है | इसी महीने DRDO ने Pinaka Long Range Guided Rocket का भी सफल परीक्षण किया | इस सफलता के पीछे हमारे वैज्ञानिकों और इंजी नियरों का सामूहिक परिश्रम है | दो-तीन दिन पूर्व ही DRDO ने कुशा मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया है |आज रक्षा उत्पादन हो, रक्षा निर्यात हो या मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग - भारत लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है | इस महीने की शुरुआत में, मैं, इंडोनेशिया में था, जहाँ, ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों के लिए एक बड़ा समझौता हुआ है | दुनिया का भरोसा भारत के रक्षा उपकरणों और तकनीक पर बढ़ रहा है | आइए, इस ‘कारगिल विजय दिवस’ पर हम अपने अमर शहीदों को नमन करें, और एक सुरक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का अपना संकल्प और मजबूत करें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा मैंने आपसे ‘Catch The Rain’ अभियान की चर्चा की थी | मैंने आग्रह किया था कि बारिश की हर बूँद को सहेजने के इस अभियान को जन-आंदोलन बनाएं | ‘Catch The Rain’ का संदेश बहुत सीधा है – जहाँ बारिश गिरे, जब बारिश गिरे, पानी को वहीं सहेजिए, इसलिए 04 जुलाई से देश-भर में एक विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है | इसके तहत बारिश के पानी के संचयन, Ground Water Recharge, पुराने जल-स्त्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण को नई गति दी जा रही है | मुझे बहुत खुशी है कि गाँव हों या शहर, पंचायतें हों या सामाजिक संस्थाएं हर जगह लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की है | कहीं पुराने तालाबों से गाद निकाली जा रही है, कहीं कुओं और बावड़ियों को फिर से जीवन दिया जा रहा है | बंद पड़े Borewell अब Ground Water Recharge का माध्यम बन रहे हैं।
नरेन्द्र मोदी ने कहा कुछ ही दिन पहले Glasgow में Commonwealth Games शुरू हुए हैं | हर देश वासी भारतीय दल को निरंतर अपनी शुभकामनाएं दे रहा है | उनकी कामना है कि सभी खिलाड़ी और athlete बेह तरीन प्रदर्शन करें और लोगों का दिल भी जीतें हमारे युवाओं ने हाल के दिनों में sports में कई शानदार उपल ब्धियां हासिल की हैं | PV Sindhu Badminton में Japan Open का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं | उनकी इस उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है | भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी लंदन में Lord’s Stadium में अपना पहला Test Match जीता है | यह एक ऐतिहासिक जीत है | हमारी टीम ने 270 रनों के बड़े अंतर से यह मुकाबला जीता है | लेकिन बात सिर्फ इतनी सी नहीं है | Lord’s के लंबे इतिहास में यह महिलाओं की टीम का पहला Test Match था | 1983 में इसी मैदान पर भारत ने अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता था | अब हमारी नारी शक्ति ने यहां देश का नाम रोशन किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा पिछले रविवार Vikram-1 इसके सफल launch से हर देशवासी गौरव से भरा हुआ है | हम सभी भारतीय space sector के इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने | ये private sector द्वारा विकसित भारत का पहला rocket है | हमारे युवा innovators ने वो कर दिखाया, जिसकी कल्पना तक मुश्किल थी | उन्होंने गजब की skill, passion और patience दिखाया | लंबे समय तक हमारा space sector निजी क्षेत्र के लिए बंद रहा था | इस sector में रुचि रखने वाले काफी युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं मिल पा रहा था | युवा हित को देखते हुए हमने space sector को private sector के लिए खोला | आज इसका परिणाम दुनिया देख रही है |हमारे युवा साथी science में भी भारत का मस्तक ऊंचा कर रहे हैं| Science Olympiads दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण competition में से एक हैं | इनमें बड़ी संख्या में students हिस्सा लेते हैं | इसी महीने Physics, Chemistry, Biology और Mathematics के Olympiad हुए | इन competitions में भारतीय दल का प्रदर्शन शानदार रहा।
नरेन्द्र मोदी ने कहा जब हुनर भी हो और कुछ करने का जज्बा भी हो, तो हर राह, आसान हो जाती है | कश्मीर की पारंपरिक चटाई ‘वगू’ को लेकर आज जो प्रयास हो रहे हैं उसमें इसी की झलक मिलती है | इसे सरकंडे और धान के पुआल से, straw से, तैयार किया जाता है | इस चटाई को बनाने की परंपरा बरसों पुरानी है | इसके लिए सबसे पहले कश्मीर के दलदली इलाकों की घास और सरकंडे की कटाई की जाती है | धूप में सुखाने के बाद छंटाई होती है और फिर शुरू होता है हाथों से बुनाई का काम | दो कारीगरों को एक चटाई बनाने में करीब-करीब चार दिन लगते हैं | यह चटाई अनूठी भी है और eco-friendly भी है | एक बड़ी खासियत ये है कि आपको गर्मियों में इससे ठंडक मिलेगी और सर्दियों में गर्माहट| पहले यह कश्मीर के हर घर में दिखती थी, लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में इसका उपयोग कम होने लगा था | ऐसे में श्रीनगर के गुलाम हुसैन जी और उनकी बेटी तंजीला जी ने एक संकल्प लिया | दोनों ‘वगू’ craft की परंपरा को एक नया जीवन देने में जुट गए | गुलाम हुसैन जी बहुत ही साधा रण परिवार से आते हैं | उन्हें इस काम में कई तरह की चुनौतियां भी आई | लेकिन ‘वगू’ के संरक्षण का उनका संकल्प अडिग था | देखते ही देखते उनके इस प्रयास से बहुत सारे लोग जुड़ते चले गए | गुलाम हुसैन जी ने इस कौशल को खूब बढ़ाया | अपने मिशन में उन्हें स्थानीय स्तर पर सरकारी सहयोग भी मिला | आज तेजी से लोक प्रिय हो रहा, ‘वगू’ देश के अन्य हिस्सों में भी पहुंच रहा है | मुझे इस प्रयास से जुड़े सभी लोगों पर बहुत गर्व है | आज हम सभी का Local products पर जोर है | हम Vocal for Local के मंत्र को लेकर चल रहे हैं | ऐसे में कश्मीर का ‘वगू’ भी आपके घर का हिस्सा बने, इस पर एक बार जरूर सोचिएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा आज देश-भर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से लोग प्रकृति के प्रति अपना दायित्व निभा रहे हैं| जब समाज इस भावना से जुड़ता है, तो बहुत सुन्दर और प्रेरक उदाह रण सामने आते हैं | साथियो, अमदाबाद (अहमदाबाद) में जन-भागीदारी की अद्भुत शक्ति दिखाई दी है | भाड़ज़ क्षेत्र में एक घंटे के भीतर साढ़े 3 लाख से अधिक पौधे रोपे गए, इसमें, 25 हजार से अधिक लोग जुटे | स्कूली बच्चे, NCC Cadets, स्वयंसेवक और आम नागरिक - सभी ने इस अभियान में हिस्सा लिया | आने वाले वर्षों में यही पौधे एक घने शहरी वन का रूप लेंगे | इस प्रयास को Guinness Book of World Record में दर्ज किया गया है | साथियो ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत यूपी में भी जन-शक्ति का अद्भुत संकल्प देखने को मिला है | वहां एक ही दिन में 12 जुलाई को 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं | UP का सांसद होने के नाते मेरे लिए ये भी विशेष गर्व की बात है |पेड़ केवल मनुष्यों के लिए नहीं होते, वे अनगिनत जीवों के घर भी होते हैं | गुजरात के गिर के जंगलों में करीब 60 वर्षों बाद Indian Grey Hornbill फिर से बसेरा बना रहा है | ये गिर में बरसों से हो रहे संरक्षण और पुनर्स्थापन के प्रयासों का परिणाम है | Hornbill को जंगलों का किसान कहा जाता है | ये फल खाते हैं और बीजों को दूर-दूर तक पहुंचाते हैं, उन्हीं बीजों से, जंगल में नए पेड़ उगते है इस तरह एक पक्षी जंगल को फिर से हरा-भरा बनाने में मदद करता है | मैं आप सभी से कहूँगा, हम सभी अपने जीवन के किसी विशेष अवसर को, प्रकृति से जरूर जोड़ें | एक पेड़ माँ के नाम लगाएं | आज का लगाया एक छोटा सा पौधा, आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, स्वच्छ हवा और सुंदर भविष्य की विरासत बन सकता है।