नई दिल्ली-दिल्ली में जंतर मंतर पर पिछले कुछ दिनो से जो नीट परिक्षा को लेकर ड्रामा चल रहा है वे किसी से छिपा नही है पहले आम आदमी पार्टी के संयोजक व अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल ने बारह से पन्द्रह वर्ष पहले दिल्ली में भ्रष्ट्राचार के विरूद एक आंदोलन चलाया था जो की अन्ना हजारे के द्वारा चलाया गया था उस समय यही अभिजित दिपाके भी उस आंदोलन में मौजूद था मगर फर्क सिर्फ इतना है कि व उस समय पर्दे के पिछे था यही नही भ्रष्ट्राचार के विरूद्ध बात करने वाले केजरीवाल व उनके सहयोगी भ्रष्ट्रचार के कारण जेल में भी रहकर आए अब इसे सहयोग कहे या प्रयोग अब फिर उसी केजरीवाल के सहयोगी अभिजित दिपाके अपनी अलग पार्टी कोकरोच जनता पार्टी बनाकर सामने आ गए ये आप पार्टी की बी टीम कही जा सकती है केजरीवाल की तरह अभिजित दिपाके भी लगता है दिल्ली के मुख्यमंत्री के सपने लेने लगे है।
सीजेपी आप पार्टी की बी टीम केजरीवाल की तरह अभिजित दिपाके भी मुख्यमंत्री के सपने लेने लगा।
• Janta Ka Sangarsh
वही दूसरी तरफ ये भी देखने में आया है कि अपने गुरू केजरीवाल की तरह अभिजित दिपाके भी भ्रष्टा चार को मुद्धा बनाकर मुख्यमंत्री के सपने ले रहे है लेकिन इसमें ये लगता है कि उनकी टाईमिंग गलत हो गई क्योकि अभिजित दिपाके ने जिस नीट की परीक्षा को मुद्धा बनाना चाह वे सरकार ने उनसे पहले ही छिन लिया था क्योकि सरकार ने पहल ही पेपर लीक मामले में दोषियो के खिलाफ कार्यवाई कर दी थी यही नही केन्द्र सरकार ने पेपर लीक मामले में दोषियो के खिलाफ कार्यवाई कर दी थी यही नही सरकार ने एक कदम आगे बढकर नये सिरे से नीट की परीक्षा भी करा दी थी इस परीक्षा का परिणाम भी घोषित कर दिया गया जिसके बाद अभिजित दिपाके को पता चला तो उसने प्रदर्शन करने की बात कही मगर परिक्षा परिणाम आने के बाद जो अभिजित दिपाके चाहता था वे नही हो सका ।
वे छात्रो के कन्धे पर चढकर राजनीति करना चाहते वे इसमें सफल नही हो सके क्योकि जो अभिजित दिपाके चाहते थे कि हजारो युवक उनके उनके साथ आएगे वे नही आए बल्कि वे पार्टी बनाते ही विपक्षी पार्टीयो का मोहरा बनकर रह गए आज कभी केजरीवाल तो कभी राहुल गांधी उनके समर्थन में आते दिख रहे है मगर कोक रोच जनता पार्टी की जमीन बनने से पहले ही खिसक गई अब वे विपक्ष की कटपुतली बनकर रह गए युवाओ ने उन्हे नाकार दिया इस पर ये कहना गलत नही होगा वही दूसरी तरफ दिपाके भारतीय नही वे अमेरीका से भारत आए है जिस कारण वे कुछ खास नही कर पाए उनका ये आंदोलन फ्लोप शो की तरह माना जा सकता है उनका राजनीतिक पार्टी बनाने का सपना भी अधुरा रह गया लगता है उनके द्वारा जो प्रदर्शन किया गया वे युवाओ का तो नही वल्कि किसी राजनीतिक पार्टी किसी भी राजनीतिक पार्टी का भी क्यो आप का प्रदर्शन कहा जा सकता है ।