राजौरी गार्डन में कराए जा रहे विकास कार्यो में भारी त्रिटीया धटीया स्तर पर कराए जा रहे विकास कार्य ।

                नई दिल्ली-पश्चिमी दिल्ली के आधिन आने वाले राजौरी गार्डन वार्ड संख्या 96 में कराए जा रहे विकास कार्यो में भारी त्रिटीया धटीया स्तर पर कराए जा रहे विकास कार्य राजौरी गार्डन में पिछले कुछ माह से बडी तेजी से विकास किए जा रहे है मगर इन में कार्यो का फायदा निगम के अधिकारी व ठेकेदार मिलकर उठा रहे है जो भी इस वार्ड में विकास कार्य किए जा रहे है वे काफि धटीया स्तर पर किए जा रहे है राजौरी गार्डन वार्ड में इस समय आर एम सी के कार्य किए जा रहे है इसके साथ बरसाती नाले बनाने ड्रेस कारपेट के कार्य किए जा रहे है ये कार्य इतने धटीया स्तर पर किए जा है है कि ये कुछ ही समय में दम तोड देगे ।

                    राजौरी गार्डन वार्ड संख्या 96 में जो आर एम सी के कार्य किए जा रहे है वे इतने धटीया स्तर पर किए जा रहे है आर एम सी के कार्य जो किए जा रहे है उनमें थिन्कनेस पूरी नही है वे आर एम सी की थिकनेस जो निगम के शडूल में दी गई उससे काफि कम थिकनेस की जा रही है इसमें जिस हिसाब से मटीरियल डाला जाना चाहिए वे भी नही डाला जा रहा इससे काफि कम मटीरियल डाला जा रहा है इसके साथ ही जो इलाके में बरसाती ड्रेन बनाई जा रही है वे भी फाफि धटीया स्तर पर बनाई जा रही है इसमें देखने में आया है कि जो बरसाती नाले बनाए जा रहे है उनमें नाए नाले बनने के नाम पर पुराने नालो को रिपेयर करके नए बिल कनिष्ट अभियन्ता अतुल द्वारा बनाए जा रहे है ऩाले बनाने के लिए जो समग्री इस्तेमाल की जा रही है वे भी काफि धटीया स्तर पर की जा रही है इसमें ईटे भी जो लगाई जा रही है वे भी पिली ईट लगाई जा रही है ऩिगमके शडूल में कुछ है मगर साईड पर कुछ लग रहा है ।

               इसी प्रकार से ड्रेस कारपेट की बात कि जाए तो ये भी काफि धटीया स्तर पर किए जा रहे है टगोर गार्डन में डेन्स कारपेट की गई वे भी काफि धटीया स्तर पर की गई है इसमें तारकोल की मात्रा काफि कम है बात वही की निगम की शर्तो के मुताबिक जो थिकनस डेन्स कारपेट में होनी चाहिए वे नही दी जा रही वही इस कनिष्ट अभि यन्ता अतुल से पुछा गया कि ये कार्य इतने धटीया कैसे कराए जा रहे है तो इस अभियन्ता का कहना था कि सब चीज के सैम्पल पास है ये बात किसी से छिपी नही की निगम के कार्यो के सैम्पल पास कैे किए जाते है पैसे लेकर निगम में सैम्पल पास किए जाते है यही नही जो सैम्पल पास किए जाते है उसकी लिए अलग से ये बनाए जाते है जो पास कराए जाते है उस साईड से कभी सैम्पल नही लिए जाते जहां कार्य किया गया हो ये सब ठेकेदार व निगम अधिकारी दोनो मिलकर निगम को चूना लगा रहे है।