नई दिल्ली-देश की राजधानी दिल्ली में दो से ढाई लाख ई रिक्शा दिल्ली की सडको पर दौड रहे है इनमें से आधे से ज्यादा वे हैजिनके पास नम्बर नही बिना नम्बर के ये ई रिक्शा है । जानकारी के मुताबिक देखने में आया है कि दिल्ली के वार्ड संख्या 94 रधुवीर नगर में ई रिक्शा गैरिज बनाई गई है वे भी सभी सरकारी जगह पर कब्जा करके बनाई गई है ये देखने में आया है कि वार्ड संख्या 94 रधुवीर नगर में बाढ नियत्रण विभाग के आघिन आने वाला बडा नाला है इस नाले इस नाले के साथ इसी विभाग की जमीन है जो की या तो खाली पडी है या फिर इस पर हरित पट्टी वना रखी है मगर ये हरित पट्टी पट्टी न रहकर सरकार की खाली पडी उस पर कब्जा ई रिक्शा चार्जिग व पार्किग करने वालो ने कब्जे कर लिए गए ये कब्जे बिभाग की सांठगांठ से किए गए है इसके लिए विभाग के अधिकारीयो को हर माह एकमुश्त रकम बतौर रिश्बत दी जाती है ये जो रिश्वत की रकम है ये काफी बडी है प्राप्त जानकारी के मुताबिक यहां तीन चार रिक्शा गैरिज है जो कि हर रिक्शा गैैज में दो सौ से तीन सौ रिक्शा पार्किग होते व चार्जिग होते है इसके लिए जिससे विभाग की मिली भक्त से ये अवैध ई रिक्शा गैरेज चल रही है इन रिक्शा गैरेज वालो द्वारा हर माह जानकारी के अनुसार एक लाख रूपये के करीब रिक्शा खडी करने व चार्ज करने के लिए रिश्वत दी जाती है यही नही इन अवैध गैरिज व चार्ज प्वाईट की एवज में इन अवैध रिक्शा वालो द्वारा यही पर अवैध पार्किंगं भी चलाई जा रही है जिसके लिए प्रतिदिन के मुताबिक पार्किगं ली जाती है ये पार्किगं प्रतिदिन डेढ सौ रूपये से दो सौ रूपये तक ली जाती है ।
देश की राजधानी दिल्ली में इस समय जहां दो से डाई लाख ई बैटरी रिक्शा अवैध तरीके से दिल्ली की सडको पर दौड रहे है इसके साथ ही दिल्ली में इन अवैध ई रिक्शा को चार्ज करने के लिए दिल्ली मेें कई स्थान पर इन अवैध रिक्शा को चार्ज करने के लिए ऱिक्शा चार्जिगं प्वाईट वनाए गए है ये भी पूरी तरह से अवैध तरीेके से चल रहे यही नही यहां तक देखने में आया है कि ई बैटरी रिक्शा चार्जिग करने के लिए बिजली बिभाग द्वारा खुले में मीटर लगाए गए है जो की किसी भी बडी दुर्धटना का कारण बन सकते है खुले में ये रिक्शा चार्ज किए जा रहे है जिस प्रकार बिजली कम्पनीयो ने ये खुले में बिजली कनैक्शन दिए है उससे बिजली कम्पनीयो की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे है कि खुले में ये कनेक्शन क्यो व कैसे दिए गए जबकि प्राप्त जानकारी के मुताबिक इनके हर माह लाखो रूपये बिल भी आते है इससे लग रहा है कि ये बिजली कम्पनीयां पैसे कमाने के लिए कही भी मीटर लगा रही है यही नही दिल्ली सरकार का बाढ नियत्रण विभाग भी इस भ्रष्टाचार के खेल में काफी आगे है । जिसकी जानकारी सम्बधित विभागो के बडे अधिकारीयो को भी है मगर विभाग में फैले भ्रष्टाचार के कारण ये विभाग गहरी नींद सोए पडे है इसी कडी में सबसे बडी बात जो सामने आई है वे ये है कि दिल्ली में जो ये अवैध ई रिक्शा चल रहे है वे ठेकेदारी प्रथा के तौर पर चल रहे है दिल्ली मे ऐसे-2 लोग भी है जिनके पास बिना नम्बर के कई-2 सौ ई रिक्शा मौजूद है य़े रिक्शा किराए पर दिए गए है जिसका एक दिन का किराया 250 से 300 रूपये तक है जिसके कारण अगर किसी गरीब का बैटरी रिक्शा पकडा गया तो वे कट जाता है मगर ठेकेदारो के रिक्शे पकडे नही जाते क्योकि वे अपने रिक्शा पैसे देकर छुडा लेते है ये ठेकेदार जिस कारण मे रिक्शा कारोबार काफि फल फूल रहा है ।
(दिल्ली सरकार का बाढ नियत्रण विभाग) बना भ्रष्टाचार का अड्डा ।
• Janta Ka Sangarsh