नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा इंडिया-जापान ऐन्यूअल समिट के लिए, प्रधानमंत्री ताक इची का भारत में अपनी पहली यात्रा पर स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री भी हैं, और एक दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता भी हैं। इतना ही नहीं, वे जापान के नारा प्रीफेक्चर से आती हैं, जो भारत-जापान की साझा बौद्ध विरासत का एक बहुत महत्वपूर्ण केंद्र है। कुछ ही दिन पहले G7 समिट में मैंने कहा था, कि वैश्विक उथल-पुथल के आज के माहौल में, आपसी विश्वास हमारा सबसे बड़ा स्ट्रेटीजिक asset है। और मुझे गर्व है, कि भारत-जापान की साझेदारी इस कसौटी पर पूरी तरह खरी उतरती है। पिछले कई दशकों में, Auto otive से लेकर इलेक्ट्रानिक्स तक, जापान ने भारत की ग्रोथ स्टोरी का अहम हिस्सेदार बनकर दोस्ती और विश्वास की एक अमूल्य पूंजी बनाई है। और आज प्राइम मिनिस्टर ताकाइची की यात्रा से, हम अपनी स्पेशल स्ट्रेटीजिक एण्ड ग्लोबल पार्ट्नर्शिप के नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा Energy security के क्षेत्र में भी आज हमने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। India-Japan Bio-gas Initiative के माध्यम से हम भारत में एक हजार bio-gas और organic fertilizer plants लगाने में सहायता मिलेगी। इससे हमारी गोवर्धन पहल और मजबूत होगी। इससे भारत के गांवों में sustainability, Prosperity, और rural livelihood, को नई शक्ति मिलेगी। Oil shock जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए आज हमने energy resilience पर भी एक महत्वपूर्ण पहल की है। साथ ही, बैटरी, green hydrogen और nuclear energy में हमारा सहयोग, विश्व के clean energy future में महत्वपूर्ण योगदान देगा। भारत और जापान मिलकर economic security को shared security, और energy transition को shared opportunity के रूप में लेते हैं, और उसको आगे बढ़ने की दिशा में हम काम करेंगे, उसको बदलेंगे।
नरेन्द्र मोदी ने कहा आज हमने भारत-जापान नेक्स्ट जनरेशन मोबिलिटी पार्ट्नर्शिप फ्रैम्वर्क भी तैयार किया है। इससे अब हम ऑटोमोटिव सेक्टर में हमारी success स्टोरी को, शिप-बिल्डिंग, ऐवीऐशन और लोजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भी दोहराएंगे। हमारे संबंधों की बड़ी ताकत हमारी people-to-people ties हैं। हम टैलेंट मोबिलिटी, स्किलिंग और टेक्निकल इंटर्नशिप प्रोग्राम्स के अवसर भी बढ़ा रहें हैं। और दोनों देशों के बीच रिसर्च,एजुकेशन और स्टार्ट-अप सहयोग भी सुदृढ़ कर रहें हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा हमे बहुत खुशी है कि अगले वर्ष हम भारत-जापान diplomatic relations की 75th anniversary मनाने जा रहे हैं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर हम कल्चर, टुरिज़म, और क्रिएटिव ईकानमी सहयोग से आपसी कनेक्ट और प्रगाढ़ करेंगे। भारत और जापान की economies कॉम्पलेमेंटरी हैं। सांस्कृतिक मूल्यों से लेकर आधुनिक technology तक, हमारी सोच और अप्रोच में भी समानता है। और सबसे बढ़कर, हमारे संबंधों की नींव अटूट आपसी विश्वास पर टिकी है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी यह विशेष साझेदारी, सशक्त और समृद्ध जापान के आपके विज़न, विकसित भारत के हमारे संकल्पऔर विश्व की प्रगति को, नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी। एक सशक्त और समृद्ध जापान का आपका विज़न, विकसित भारत का हमारा संकल्प, और पूरे विश्व की प्रगति को मिलकर साकार करें।