नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा भारतीय जनता पार्टी एक मात्र ऐसा राजनैतिक दल है, जहां हम पार्टी को अपनी मां मानते हैं। इसलिए, पार्टी का स्थापना दिवस हमारे लिए ये केवल एक राजनीतिक आयो जन नहीं होता। ये हम सब कार्यकर्ताओं के लिए एक भावुक अवसर होता है। ये दिन हमें पार्टी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का मौका देता है कि पार्टी ने हमें राष्ट्र सेवा का सौभाग्य दिया। मैं आप सभी को, देश भर के कोटि-कोटि भाजपा कार्यकर्ताओं को भाजपा के विशाल समर्थन करने वाले, मेरे देश के सभी नागरिकों को भाजपा बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं इस अवसर पर पार्टी के संस्थापकों और वरिष्ठों को भी आदरपूर्वक याद करता हूं। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी..दीनदयाल उपाध्याय...नानाजी देशमुख, कुशाभाऊ ठाकरे, जेना कृष्णमूर्ति, राजमाता विज या राजे सिंधिया, सुंदर सिंह भंडारी, अटल..आडवाणी..मुरली मनोहर जोशी..पी परमेश्वरन, कबीन्द्र पुरकायस्थ ...ऐसे अनगिनत उत्तर-दक्षिण, पूरब-पश्चिम हिंदुस्तान के कोने-कोने में ऐसी सभी विभूतियों को मैं आदरपूर्वक नमन करता हूँ।
नरेन्द्र मोदी ने कहा बीजेपी जिस शिखर पर है, उसकी चमक सबको दिखती है। लेकिन, यहाँ तक पहुँ चने के लिए लाखों कार्यकर्ताओं का जो श्रम है, उन्होंने जो तप, त्याग और तितिक्षा की पराकाष्ठा की है...उसे वही जान सकता है...जो इस पार्टी के संकल्पों के लिए समर्पित होकर स्वयं इस साधना का हिस्सा रहा है। एक वो भी दौर था...भाजपा के पास किसी कोने में दूर-दूर तक सत्ता का नामोनिशान नहीं था। न कोई संसाधन और न ही कोई सुविधा थी! उस समय भाजपा कार्यकर्ता के लिए कहा जाता था कि उसका एक पैर रेल में और दूसरा जेल में होता है। जनता के साथ जुड़ने के लिए भाजपा कार्यकर्ता रेल से एक शहर से दूसरे शहर भागता रहता था, दौड़ता रहता था...और जनता से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए जेल जाने में भी संकोच नहीं करता था। उस कठिन समय में भी भाजपा के कार्यकर्ताओं के पास...सबसे बड़ी चीज थी- आने वाले भविष्य पर भरोसा। उनका दृढ़ विश्वास था कि वो आज जो मेहनत कर रहे हैं...उससे आने वाले भारत का भविष्य उज्ज्वल होगा। और इस भरोसे के लिए भाजपा के कार्यकर्ताओं ने क्या-क्या नहीं सहा! आपातकाल, इमर्जेंसी का घनघोर दमन...काँग्रेस के षड्यंत्र....राजनीतिक रूप से अछूत हमें बनाने की लगातार कोशिशें...इन सबसे लड़कर हमारे निःस्वार्थ कार्यकर्ता पार्टी को अपने परिश्रम से, अपनी साधना से, अपने संकल्प से यहाँ तक लेकर आए हैं। और इस यात्रा में हमारे कितने ही कार्यकर्ताओं को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है! हमने बंगाल और केरलम जैसे राज्यों में देखा है...वहाँ किस तरह हिंसा को पॉलिटि कल कल्चर बना दिया गया है। लेकिन भाजपा कार्यकर्ता, ऐसे हालातों में भी डिगा नहीं...डरा नहीं। आज भी भाज पा का कार्यकर्ता देशसेवा के भाव के साथ निरंतर काम कर रहा है। आज भाजपा के स्थापना दिवस पर पार्टी के लिए अपना जीवन गंवाने वाले सभी कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देता हूं, नमन करता हूं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा मैं हमारे युवा अध्यक्ष श्रीमान नितिन का भी इस आयोजन के लिए विशे ष रूप से धन्यवाद करता हूँ। उनके अध्यक्ष बनने के बाद ये पार्टी की स्थापना दिवस का पहला अवसर है। आपकी लीडर शिप में पार्टी पूरी ऊर्जा से देशसेवा में लगी है। इस समय जिन पाँच राज्यों में चुनाव है। वहां भी पार्टी में...एक नई ऊर्जा देख रहा हूं...कार्यशैली में नयापन देख रहा हूं...ऐसा लग रहा है...नवीन जी ने पार्टी में नवीनता भर दी है। आज लोकतन्त्र की कितनी ही उपलब्धियां बीजेपी के नाम पर हैं। देश में लंबे अंतराल के बाद किसी पार्टी को इत ना स्पष्ट जनमत मिला है। लेकिन हम इस सफलता की विवेचना करें...तो हमें नीयत...नीति ...निष्ठा...की एक लंबी यात्रा हम भली-भांति देख सकते हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विशाल और पवित्र वटवृक्ष के नीचे...हमें साफ नीयत के साथ...शुचिता के साथ राजनीति में कदम रखने की प्रेरणा मिली। फिर शुरुआत के कुछ दशकों में, चाहे वो जनसंघ का समय रहा हो या भाजपा का, हमने एक संगठन के लिए नीतियां निर्धारित करने में अपनी ऊर्जा लगाई। फिर उसके बाद जो समय आया… उसमें भाजपा ने पूरी निष्ठा से अपनी ताकत खुद को एक सशक्त काड र बेस्ड पार्टी बनाने में झोंक दी। हमने कार्यकर्ताओं का एक ऐसा विशाल काडर खड़ा किया...जिनमें सेवा भावना से कार्य करने का समर्पण था। जिन्होंने पार्टी के सिद्धांतों को अपने जीवन का आदर्श बनाया...और, जिन्होंने…किसी भी परिस्थिति में अपने मूल्यों से समझौता स्वीकार नहीं किया।
नरेन्द्र मोदी ने कहा हम एक ओर अपने मूल्यों पर अडिग रहे...वहीं साथ ही....लोक सेवा यानी जन कल्याण को अपनी प्राथमिकता बनाया। हमारे पास संसाधन सीमित थे...तब हम कहीं सरकार में भी नहीं थे.. .लेकिन हमारी पार्टी लोगों की सेवा के लिए समर्पित रही। चाहे आपदा हो, या समाज में कोई सकारात्मक बदलाव हो, हर जगह हमारे कार्यकर्ता सेवाभाव से जनता के बीच उपस्थित रहे। इसी सेवाभाव के कारण लोगों का बीजेपी पर विश्वास बढ़ता चला गया। हम सभी सन उन्नीस सौ चौरासी का वो दौर भूल नहीं सकते, जब कांग्रेस ने रिकॉर्ड सीटें जीती थीं। लेकिन देश की जनता देख रही थी कि कैसे कांग्रेस सत्ता हासिल करके उसके साथ विश्वास घात कर रही है। ऐसे में देश के लोगों का भाजपा पर भरोसा दिनों-दिन बढ़ रहा। भाजपा धीरे-धीरे चुनाव जीतने लगी थी। और हमारे आने से, देश की राजनीति में दो धाराएं बहुत स्पष्ट हो गईं। एक धारा बनी, सत्ता आधारित राजनीति की। तो दूसरी धारा बनी, सेवा आधारित राजनीति की। सत्ता को प्राथमिकता देने वाली राजनीति का धीरे-धीरे पतन होने लगा! और, सेवाभाव वाली राजनीति को धीरे-धीरे लोगों का भारी समर्थन मिलने लगा। आज हमें इस बात पर गर्व है कि...हमने अपने आचरण से भारत की राजनीति में एक नया सिद्धान्त स्थापित किया है! ‘राष्ट्र प्रथम’ का सिद्धान्त! राष्ट्रीय एकता...राष्ट्रहित सर्वोपरि...ये हमारी पहचान बन गई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा भारत की राजनीति में भाजपा ने गठबंधन की राजनीति का भी एक नया आदर्श स्थापित किया। हमारे देश में सत्ता के लिए गठबंधन के अनेक प्रयोग हुए। लेकिन राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए, राष्ट्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, अगर कोई गठबंधन बना...तो वो भाजपा द्वारा बनाया गया गठबंधन था- NDA…अब तो NDA गठबंधन 25 वर्ष से भी ज्यादा का हो गया है। हमारे NDA परिवार का निरंतर बढ़ना ये दिखाता है...कि भाजपा कितनी सर्वसमावेशी है और क्षेत्रीय आकांक्षाओं को सर्वोपरि रखते हुए काम कर ती है। हमसे पहले देश ने परिवारवादी-वंशवादी राजनीति का बोलबाला देखा था। और आज भी अलग-अलग कोने में वो खेल चल ही रहा है। या तो फिर, लेफ्ट का गवर्नेंस मॉडल देखा था। लेकिन, हमारा गवर्नेंस मॉडल यूनीक रहा। हमारे गवर्नेंस मॉडल में पॉलिसी में स्थिरता थी... सरकार में स्थिरता थी। हमने जो कहा, वो करके दिखाया। आज भाजपा की पहचान के साथ, ये बात जुड़ गई है कि जो वो कहती है, वो जरूर करती है।
नरेन्द्र मोदी ने कहा भाजपा ने वडोदरा में 1994 में महिला आरक्षण का प्रस्ताव पारित किया था। हमने ये भी तय किया था कि संगठन में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आगे बढ़ाएंगे। और सरकार में आने के बाद हम ने महिला आरक्षण का अपना वायदा पूरा करके दिखाया। अब हम पूरी शक्ति से जुटे हैं कि साल 2029 में नारीश क्ति वंदन अधिनियम की भावना के अनुरूप ही चुनाव हो। आज भाजपा गुड गवर्नेंस का सिंबल बन गई है...लास्ट माइल तक डिलीवरी का सिंबल बन गई है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी ने हमें अंत्योदय का सिद्धांत दिया था। हमने इसी विजन पर चलते हुए सैचुरेशन का मार्ग अपनाया...इसी का नतीजा था कि देश के 25 करोड़ गरीबों को. ..गरीबी से बाहर निकालने में हम कामयाब रहे।