नई दिल्ली-पश्चिमी दिल्ली भवन विभाग कार्यरत भट्राचार का मासिहा कनिष्ट अभियन्ता शरद कुमार इस कऩष्टि अभियन्ता के पास दो वार्ड है वार्ड नम्बर 111 112 वार्ड संख्या 111 बापरोला वार्ड संखया 112 सैनिक एन्कलैव इन दोनो वार्डो में पिछले दो महा से ऐसा लग रहा है जैसे अवैध निर्माणो की वाढ आई हो बापररोला हो या सैनिक एन्कलेव इन वार्डो में वडी तेजी से स्थानीयां विल्डरो द्वारा बडे स्तर पर अवैध निर्माण किए जा रहे वे भी बिना नक्शे के दुकाने व मकान बनाए जा रहे तीन से चार मंजिल तक इन इलाको में ईमारते बनाई जा रही है जिसकी जानकारी भवन विभाग कार्यरत स्थानीयां कनिष्ट अभिन्ता शरद कुमार को भी है इस भ्रष्ट्र अधिकारी की छात्रछाया मे ये अवैध निर्माण फलफूल रहे है ।
उसके बाद भी इन्हे रोकने की बजाए इन अधिकारी ने इन बिल्डरो को मूक तौर पर अवैध निर्माण करने की समर्थन दे रखा है यही नही बिल्डरो द्वारा अवैध तौऱ पर व्यवासयिक ईमाते बनाई जा रही है इनकी मूक स्वकूति से इन वार्डो में ये अवैध ईमारतो का निर्माण कार्य चल रहा है ये कार्य शरद कुमार की मौजूदगी में खूब फल फूल रहा है इन वार्डो में जिस प्रकार से अवैध तरीे से दुकाने व अवैध निर्माण हो रहे है इन्हे देखकर लगता है कि इन इलाको में इस अधिकारी ने इन लोगो को खुली शूट दे रखी है की ये कुछ भी करे इनको रोकने वाला कोई नही है । वही दूसरी तरफ ये देखने में आया है इन इलाको में अवैध निर्माण की एवज में प्राप्त जानकारी के अनुसार पैसो का खेल खेला जा रहा इन वार्डो में इस का कनिष्ट अभियन्ता शरद कुमार द्वारा इन वार्डो में अलग-2 वार्डो में अलग-2 बेलदार रखे गए है ।
जो ये बेलदार है इन वार्डो में धूमते रहते है ये देखते है कहां निर्माण कार्य चल रहा है जहां भी निर्माण कार्य चल रहे होते है उनसे जाकर ये निर्माण कार्य की एवज में मोटी रकम मांगते है ये रकम प्रति लेन्टर के हिसाब से ली जाती है ये सब भ्रष्ट्राचार का खेल इस कनिष्ट अभियन्ता की छत्रछाया में चल रहा है अगर कोई व्यक्ति स्वयं अपना मकान बनाता है तो इसके लिए इनके पास कानून का डन्डा है जो इन को पैसा न दे इस अधिकारी द्वारा फिर या तो उसका मकान व दुकाने को सील कर दिया जाता है या उसे तोड दिया जाता है अगर इस भष्ट्र अधिकारी को पैसा मिल गए तो अवैध निर्माण भी वैध हो जाता है अन्यथा वैध भी अवैध करके तोड दिया जाता है बही प्रप्ता जनकारी के अनुसार जो भी इन वार्डो से अवैध निर्माणो से लेनदेन किया जाता है वे ये कनिष्ट अभिय न्ता शरद कुमार द्वारा सीधे तौर पर नही किया जाता वे सारा लेनदेन ये अपने बेलदारो की मार्फत ही करता है अवैध निर्माण का ये खेल पश्चिमी दिल्ली भवन विभाग कार्यरत इस कनिष्ट अभियन्ता शरद कुमार द्वारा किया जा रहा है ।